खाली मिला रामपुर के आखिरी नवाब का स्ट्रांग रूम, तिजोरी और संदूकों से सब गायब

 



संपत्ति के मालिक रामपुर रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां का कोठी खासबाग स्थित स्ट्रांग रूम खाली मिला है। नवाब के स्ट्रांग रूम में लोहे के जंक खाए 12 संदूक, चब कंपनी के तीन सेफ और पांच तिजोरी मिली हैं। संदूकें खालीं हैं, सेफ और तिजोरी गैस कटर से कटे हुए मिले हैं, जिनके अंदर कुछ भी रखा हुआ नहीं मिला। रामपुर रियासत के आखिरी नवाब रजा अली खां की संपत्ति का बंटवारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके 18 वारिसानों में किया जाना है। इसको लेकर जिला जज की कोर्ट की देखरेख में संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया को पूरा कराया जा रहा है। कोर्ट के आदेश पर नवाब की संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसको लेकर नवाब रजा अली खां के स्ट्रांग रूम को भी खोले जाने की कवायद चल रही थी।


स्ट्रांग रूम को खोले जाने के कई प्रयास विफल हो चुके थे, क्योंकि यह बहुत ही मजबूत था। शनिवार को छठें प्रयास में स्ट्रांग रूम को गैस कटर से काटकर खोला गया। स्ट्रांग रूम खुलने के बाद नवाब परिवार के सदस्य और अधिवक्ता अंदर गए तो नवाब का स्ट्रांग रूम स्क्रैप रूम की हालत में मिला।


ऐसा माना जा रहा था कि नवाब का स्ट्रांग रूम सोने-चांदी और हीरे-जवाहरात से भरा होगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं मिला। एडवोकेट कमिश्नर स्ट्रांग रूम खाली होने के बारे कोर्ट को अवगत कराएंगे।
स्ट्रांग रूम की हालत देखकर बहुत दुख हुआ नवाब रजा अली खां के स्ट्रांग रूम की हालत देखकर मुझे बहुत दुख हुआ है। मुझे तीन दफा स्ट्रांग रूम में जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। क्या नहीं था वहां पर। हीरे-जवाहरात, सोना-चांदी, रत्न जड़ित तलवार, ताज, माला, पोशाक, सोने-चांदी के अलम बहुत कुछ था स्ट्रांग रूम में। लगभग 60 साल के बाद चौथी दफा जब मैं वहां गई तो नजारा दूसरा था। कुछ भी नहीं मिला है वहां पर। जवाबदेही तो उनकी बनती है जिनके पास स्ट्रांग रूम की चाबी थी।
- बेगम नूरबानो नवाब रजा अली खां की बहू


जब चोरी हुई तो माता-पिता जी नहीं थे
हमें पता नहीं है स्ट्रांग रूम में क्या था। सुना है 1980 में स्ट्रांग रूम में चोरी हो गई थी। हो सकता है सारा कीमती सामान उसी वक्त चोरी हो गया हो। चोरी की जांच सीआईडी ने की थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को इस बारे में जानकारी थी। हमारे पिता मुर्तजा अली खां तो इस संपत्ति के मालिक थे। चोरी की घटना भी उस वक्त हुई है जब हमारे माता-पिता यहां पर नहीं थे। मेरे भाई मुराद मियां भी यहां पर नहीं रहते थे।
- निकहत आब्दी , मुर्तजा अली की खां बेटी


आशंका सही साबित हुई
मेरी यह आशंका सही साबित हुई है कि 1980 में चोरी का दिखावा कर स्ट्रांग रूम से सारा खजाना गायब कर दिया गया था। अफसोस इस बात का है कि हीरे-जवाहरात तो फिर से खरीदे जा सकते हैं, लेकिन यहां से जो सामान चोरी के नाम पर गायब किया गया वह रामपुर रियासत का गौरवशाली इतिहास और धरोहर था और उसे कभी खरीदा नहीं जा सकता। स्ट्रांग रूम में न तो 60 किलो सोना मिला और न ही नवाब रजा अली खां की ताजपोशी के वक्त पहने गए ताज। सोने के अलम भी गायब कर दिए गए। इस स्ट्रांग रूम की चाबियां जिनके पास थीं उनको जवाब देना चाहिए कि धरोहरें यहां से गायब कैसे हुईं। नवाब रजा अली खां ने जो सामान छोड़ा था, उसकी लिस्ट कोर्ट में दाखिल है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्पष्ट है कि जो सामान गायब है उसकी कीमत कब्जेदारों के हिस्से से कटेगी।
-नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां, नवाब रजा अली खां के पौत्र


बदहाली-बर्बादी देखकर तकलीफ होती है
खासबाग पैलेस एक जमाने में रामपुर रियासत की शान था। मैं शादी होकर यहीं आई थी। इसलिए मेरा यहां से जज्बाती रिश्ता भी है। यह महल तहजीब और सक़ाफत का मरकज हुआ करता था। सर्वे के दौरान जब इसकी बदहाली और बर्बादी सामने आई है, जिसे देखकर तकलीफ होती है।
-बेगम नूरबानो, अंतिम शासक की बहू और पूर्व सांसद


लोकसभा में भी उठा था चोरी का मुद्दा
अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के बेटे नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां रामपुर लोकसभा क्षेत्र से पांच बार सांसद रहे थे। उन्होंने खासबाग पैलेस में हुई चोरी को लेकर लोकसभा में मुद्दा उठाया था। तब, यह मामला सांसद के परिवार से जुड़े होने का हवाला देकर व्यक्तिगत प्रश्न करार देते हुए सरकार ने इसका जवाब नहीं दिया था। तब से यह कथित चोरी रहस्य ही बनी रही।
-काशिफ खां, पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां के पीआरओ


खासबाग पैलेस में चोरी होना संदिग्ध है। चोरी इसलिए भी गले नहीं उतरती क्योंकि एक बच्चे के भी छत में छेद के माध्यम से मजबूत कमरे में प्रवेश करना असंभव था। स्ट्रांग रूम से बाहर की ओर लटक रही रस्सियों का परीक्षण फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा किया गया था, जिन्होंने घोषणा की थी कि उनका उपयोग नहीं किया गया था क्योंकि वे स्ट्रेचिंग या चफिंग के कोई निशान नहीं थे। किस्सा कहानी बन चुकी इस चोरी का पर्दाफाश न होना हैरान करने वाला है।
-संदीप सक्सेना, खासबाग की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े अधिवक्ता